Fundamental Duties In Hindi | Maulik Kartavy | मौलिक कर्तव्य – जानिए पूरी जानकारी

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Fundamental Duties In Hindi

मौलिक कर्तव्य नमस्कार दोस्तों आज किस पोस्ट में हम आप भारतीय संविधान में उल्लेखित नागरिकों के मौलिक कर्तव्य के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं | संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, तो नागरिकों के लिए कुछ कर्तव्य (Maulik Kartavy) भी तय करता है, जो उन्हें एक देश के नागरिक के तौर पर अपने देश के लिए पूरा करना होता है | साथ में हम आपको मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य (Maulik Kartavy kya hai) के बारे में कुछ अंतर भी बताएंगे,ताकि आप अपनी परीक्षा में आसानी से इसे याद कर सके, तो इस पूरी पोस्ट को ध्यान से जरूर से पढ़ें तथा अपने सभी दोस्तों के साथ इसे शेयर जरूर कीजिए |
 
Fundamental Duties In Hindi , Maulik Kartavy
Fundamental Duties In Hindi , Maulik Kartavy

भारत में मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties In India)

मौलिक कर्तव्य भारतीय संविधान में मूल रूप से मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख नहीं था | संविधान में सरदार स्वर्ण सिंह जयंती की सिफारिश पर 42 वें संविधान संशोधन (1976) के द्वारा मौलिक कर्तव्य को संविधान में जोड़ा गया है | जब मौलिक कर्तव्य को संविधान में जोड़ा गया उस समय मौलिक कर्तव्यों की संख्या 10 थी, लेकिन 86 वें संविधान संशोधन द्वारा 11 वां मौलिक कर्तव्य को जोड़ा गया और इसमें तय किया गया कि 6 से 14 वर्ष के बच्चों के प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना माता-पिता तथा अभिभावकों का कर्तव्य होगा | भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख भाग 4 (क) में अनुच्छेद 51 (क) के तहत किया गया है | मौलिक कर्तव्यों का प्रावधान भारतीय संविधान में सोवियत संघ के संविधान से लिया गया है | संसद के पास अधिकार होता है कि वह और मौलिक कर्तव्यों को जोड़ सकती हैं या हटा सकती हैं | Bharat me maulik kartavy
ध्यान रहे 1991 से पहले सोवियत संघ था जो, उसके बाद लगभग 15 देशों में टूट कर अलग हो गया, जिसका आज प्रमुख हिस्सा है रूस | इसलिए हम कई बार यह भी कहते हैं कि मौलिक कर्तव्यों का प्रावधान रूस के संविधान से लिया गया है, परंतु 1976 में रूस की जगह सभी देश एक थे और उसे सोवियत संघ के नाम से जाना जाता था |

 

भारतीय संविधान में कितने मौलिक कर्तव्य हैं ? (Maulik Kartavy List)

वर्तमान में भारतीय संविधान में 11 मौलिक कर्तव्य है, जो निम्न प्रकार हैं:-
  1. प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा किस संविधान का पालन करें तथा संविधान के आदर्शों राष्ट्रध्वज राष्ट्रगान का आदर करें |
  2. स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को अपने हृदय में संजोए रखना चाहिए तथा उनका पालन करना चाहिए |
  3. भारत के सभी नागरिकों का यह कर्तव्य होगा कि वह भारत की एकता, अखंडता और प्रभुता की रक्षा करने में सहायता करे और उसे अक्षुण्ण बनाए रखें |
  4. भारत के नागरिकों का यह भी कर्तव्य होगा, कि वह देश की रक्षा करें |
  5. सभी नागरिकों का कर्तव्य होगा कि भारत के सभी लोगों में समरसता की भावना, भाईचारे की भावना का विकास करें |
  6. सभी नागरिकों का कर्तव्य है कि वह भारत की सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझे और उसको अपनाएं, उसका परिरक्षण करें |
  7. सभी नागरिकों का कर्तव्य होगा कि वे प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करें और उसका संवर्धन करें |
  8. नागरिकों का कर्तव्य है कि वे वैज्ञानिक दृष्टिकोण और ज्ञानार्जन की भावना का विकास करें |
  9. सभी नागरिकों का कर्तव्य होगा कि सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखें |
  10. नागरिकों का कर्तव्य होगा कि व्यक्तिगत एवं सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट की ओर बढ़ने की कोशिश करें |
  11. सभी माता-पिता और संरक्षण का यह कर्तव्य होगा कि वह अपने 6 से 14 वर्ष के बच्चों हेतु शिक्षा प्रदान करें |
Note: जैसा कि मैंने आपको ऊपर बताया था कि 1976 में जब मूल कर्तव्यों को जोड़ा गया, तब इनकी संख्या 10 थी लेकिन 11 मौलिक कर्तव्य को 86 वें संविधान संशोधन (2002 में )द्वारा जोड़ा गया |

Also Read – भारतीय संविधान के सभी अनुसूचियां

 

मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य में अंतर समझाइये ? (Fundamental Duties vs Rights)

भारतीय संविधान की भारतीय संविधान में सभी नागरिकों को एक तरफ जहां पर मौलिक अधिकार दिए गए हैं तो दूसरी तरफ मौलिक कर्तव्य भी दिए गए यहां पर हमने आपको इन दोनों के बारे में अंतर समझाया है |
 

मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्यों का उद्देश्य क्या है ?

जैसा कि नाम से ही बताएं कि मौलिक अधिकारों का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है | जबकि मौलिक कर्तव्यों का उद्देश्य हैं कि कुछ ऐसे फर्ज नागरिक को देश के लिए तथा समाज के लिए निभाने होते हैं | 

मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख किस भाग और अनुच्छेद में किया गया है ?

मौलिक अधिकारों का उल्लेख संविधान के भाग 3 में अनुच्छेद 12 से 35 के बीच में किया गया है | मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख संविधान के भाग 4 (क) में अनुच्छेद 51 (क) के तहत किया गया है | 

संविधान में कितने मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य हैं ?

मौलिक अधिकारों की वर्तमान में कुल संख्या 6 हैं जबकि मौलिक कर्तव्यों का की वर्तमान में संख्या 11 हैं |

संविधान में मूल संविधान में मौलिक अधिकार और कर्तव्यों की संख्या कितनी थी ?

मूल संविधान में मौलिक अधिकारों की संख्या 7 थी, 44 वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा संपत्ति के अधिकार को हटाकर अभी 6 कर दी गई हैं | जबकि मौलिक कर्तव्यों की संख्या जब शामिल किया गया उस समय 10 थी, लेकिन उसके बाद 86 वें संविधान संशोधन द्वारा 11 वें मौलिक कर्तव्य को जोड़ा गया |

मौलिक अधिकार और कर्तव्य किस देश के संविधान से लिया गया है ?

मौलिक अधिकारों का प्रावधान भारतीय संविधान में अमेरिका के संविधान से लिया गया है, जबकि मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख भारतीय संविधान में सोवियत संघ के संविधान से लिया गया है |

Topic Conclusion Of Fundamental Duties In Hindi

मैं उम्मीद करता हूं कि आपको यह पोस्ट बहुत ही अच्छी लगी होगी, अगर आपको यह पोस्ट (fundamental duties in hindi) अच्छी लगी है, तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर कीजिए तथा रोजाना अलर्ट पाने के लिए अभी हमारे टेलीग्राम चैनल को ज्वाइन कर लीजिए और किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हो तो हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि आपको रोजाना करंट अफेयर्स का वीडियो मिल सके |


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Naresh Kumar is Founder & Author Of EXAM TAK. Specialist in GK & Current Issue. Provide Content For All Students & Prepare for UPSC.

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