भारत के गवर्नर जनरल एवं वायसराय पूरी जानकारी | Governor General Viceroy Of India In Hindi

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भारत के सभी गवर्नर जनरल और वायसराय की पूरी सूची (Governor General Viceroy Of India In Hindi list with PDF) महत्वपूर्ण जानकारी के साथ यहां दी गई हैं, जो अति महत्वपूर्ण है |

भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण टॉपिक है – गवर्नर जनरल और वायसराय (Governor General and Viceroy), जिनसे संबंधित प्रश्न विभिन्न परीक्षाओं में पूछे जाते हैं और इसीलिए यहां पर सरल भाषा में आपको सभी वायसराय और गवर्नर जनरल की विस्तार से जानकारी दी है |

महत्वपूर्ण बिंदु -

गवर्नर जनरल और वायसराय क्या है ?

ईस्ट इंडिया कंपनी भारत पर शासन करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण पद गवर्नर जनरल का था | 1857 की क्रांति के बाद में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को समाप्त करके भारत पर ब्रिटिश साम्राज्य का औपनिवेशिक शासन चला, जिसका नेतृत्व वायसराय करते थे |

अर्थात दोनों पदों में ज्यादा अंतर नहीं है यह वह सर्वोच्च पद हैं, जिनके जरिए अंग्रेजों ने भारत पर शासन किया था |

अभी वर्तमान में सभी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह टॉपिक महत्वपूर्ण है और इसमें इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं का जिक्र भी है इसलिए इसे पूरा पढ़ें और दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले |

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Governor General Viceroy Of India
Governor General Viceroy Of India

भारत के गवर्नर जनरल और वायसराय की सूची

बंगाल के गवर्नर

रॉबर्ट क्लाइव

  • इनका कार्यकाल 1757 से 1760 तक रहा एवं 1765 से 67 तक दोबारा रहे |
  • बंगाल में द्वैध शासन की स्थापना, जिसके तहत राजस्व वसूल में सैनिक संरक्षण एवं विदेशी मामले कंपनी ने अपने अधीन लिए ।
  • इलाहाबाद की द्वितीय संधि 1765 में, मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय कंपनी के संरक्षण में ।
  • अन्य गवर्नर बरेलास्ट (1767 – 69) और कार्टियर (1769 – 72) थे ।

बंगाल के गवर्नर जनरल

वारेन हेस्टिंग (1772 – 85)

  • वारेन हेस्टिंग के समय रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के अनुसार बंगाल के गवर्नर को बंगाल का गवर्नर जनरल कहां जाने लगा और इसके अलावा मद्रास और मुंबई के गवर्नर को बंगाल के अधीन कर दिया ।
  • इसी एक्ट के तहत 1774 में कोलकाता में एक उच्चतम न्यायालय की स्थापना की गई, इसका मुख्य न्यायाधीश एलिजा इम्पे था ।
  • वारेन हेस्टिंग बंगाल का पहला गवर्नर जनरल था ।
  • इसने राजकीय कोषागार को मुर्शिदाबाद से कोलकाता स्थानांतरित किया ।
  • 1772 में कोर्ट ऑफ़ डायरेक्टर्स ने द्वैध प्रणाली को समाप्त कर दिया ।
  • इसी के समय प्रथम आंग्ल मराठा युद्ध और द्वितीय आंग्ल मैसूर युद्ध हुए यहां से पढ़ें आंग्ल मराठा युद्ध
  • पिट्स इंडिया एक्ट 1784 पारित हुआ ।
    • पिट्स इंडिया एक्ट के विरोध में ही वारेन हेस्टिंग फरवरी 1785 में इस्तीफा देकर इंग्लैंड चला गया ।
  • बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की स्थापना की गई ।

लॉर्ड कॉर्नवालिस (1786 से 1793 और 1805)

  • 1793 में कॉर्नवालिस कोड का निर्माण किया, जो शक्तियों के पृथक्करण सिद्धांत पर आधारित था ।
  • कंपनी कर्मचारियों के व्यक्तिगत व्यापार पर रोक लगा दी ।
  • 1793 में स्थाई बंदोबस्त की पद्धति लागू की, जिसके तहत भू राजस्व का लगभग 90% जमीदार और 10% कंपनी के पास रखना था ।
  • स्थाई बंदोबस्त की योजना जॉन शोर ने बनाई थी ।
  • कॉर्नवालिस को भारत में “भारतीय सेवा का जनक” माना जाता है ।

सर जॉन शोर (1793-98)

  • इसने अहस्तक्षेप की नीति अपनाई थी ।

लॉर्ड वेलेजली (1798 से 1805)

  • लॉर्ड वेलेजली ने सहायक संधि की शुरुआत की ।
    • भारत में वेलेजली से पहले फ्रांसीसी गवर्नर डुप्ले ने सहायक संधि का प्रयोग किया था ।
  • सहायक संधि करने वाले राज्य निम्नलिखित थे – हैदराबाद (1798), मैसूर (1799), तंजौर (1799), अवध (1801), पेशवा (1802), बरार एवं भोंसले (1803), सिंधिया (1804) एवं अन्य जोधपुर, जयपुर, बूंदी तथा भरतपुर आदि थे ।
  • चौथा आंग्ल मैसूर युद्ध हुआ टीपू सुल्तान की मृत्यु हुई ।
  • वेलेजली स्वयं को “बंगाल का शेर” कहता था ।
  • 1805 में कॉर्नवालिस का दूसरा कार्यकाल शुरू हुआ, लेकिन शीघ्र ही उसकी मृत्यु भी हो गई ।

सर जॉर्ज वार्लो (1805-07)

  • 1806 में वेल्लोर में हुई सिपाही विद्रोह इसके समय की महत्वपूर्ण घटना है ।

लॉर्ड मिंटो प्रथम (1807 से 1813)

  • रणजीत सिंह और अंग्रेजों के बीच 1809 में अमृतसर की संधि हुई ।
  • लॉर्ड मिंटो प्रथम के समय चार्टर एक्ट 1813 पास हुआ ।

लॉर्ड हेस्टिंग्स (1813 से 1823)

  • आंग्ल नेपाल युद्ध 1814 से 1816 हुआ और उसके बाद सुगौली की संधि के साथ आंग्ल नेपाल युद्ध समाप्त हुआ ।
  • इनके समय में पिंडारियों का दमन किया गया ।
  • इसने प्रेस पर लगे प्रतिबंध को समाप्त करके मार्गदर्शन के नियम बनाएं ।
  • 1822 का टेनेंसी एक्ट या काश्तकारी अधिनियम लागू हुआ ।

लॉर्ड एमहस्र्ट (1823 से 1828)

  • इसके समय पहला आंगल बर्मा युद्ध (1824 से 1826) हुआ |
  • 1826 में बर्मा और अंग्रेजों के बीच में यांन्डूब की संधि हुई ।
  • 1824 में बैरकपुर का सैन्य विद्रोह भी इसी के समय हुआ ।

भारत के गवर्नर जनरल

लॉर्ड विलियम बेटिक (1828 से 1835)

  • 1803 में यह मद्रास का गवर्नर था और इसी के समय 1806 में वेल्लोर के सैनिकों ने विद्रोह किया था ।
  • 1833 का चार्टर एक्ट द्वारा बंगाल के गवर्नर जनरल को भारत का गवर्नर जनरल बना दिया और लॉर्ड विलियम बेंटिक भारत का पहला गवर्नर जनरल बना ।
  • राजा राममोहन राय के सहयोग से 1829 में सती प्रथा को समाप्त किया ।
  • कर्नल स्लीमैन की सहायता से 1830 तक ठगी प्रथा को समाप्त किया ।
  • इसी ने शिशु बालिका की हत्या पर भी प्रतिबंध लगाया ।

चार्ल्स मेटकाॅफ (1835 से 1836)

  • 1 वर्ष के कार्यकाल में चार्ल्स मेटकाॅफ ने प्रेस से नियंत्रण हटाया इसलिए इसे “भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता” कहां जाता है ।

लॉर्ड ऑकलैंड (1836 से 1842)

  • प्रथम आंग्ल अफगान युद्ध (1839 से 1842)
  • कोलकाता से दिल्ली तक ग्रैंड ट्रंक रोड की मरम्मत करवाया ।
  • इसी के समय भारतीय विद्यार्थियों को डॉक्टरी की शिक्षा हेतु विदेश जाने की अनुमति ब्रिटिश संसद ने प्रदान की ।

लॉर्ड एलिनबरो (1842 से 1844)

  • पहला आंगन अफगान युद्ध समाप्त हुआ ।
  • अगस्त 1843 में सिंध को पूर्ण रूप से ब्रिटिश साम्राज्य में शामिल किया ।
  • सिंध विजय के संदर्भ में नेपियर ने कहा था कि – “वह अफगानी तूफान की पूंछ थी”
  • 1843 में दास प्रथा का उन्मूलन इसी के समय हुआ ।
  • रविवार की छुट्टी की शुरुआत भी 1843 से ही हुई ।

लॉर्ड हार्डिंग (1844 से 1848)

  • पहला आंग्ल सिख युद्ध (1845-46), जिसमें अंग्रेजी विजयी हुए ।
  • इसने नरबलि प्रथा पर रोक लगाई ।

लॉर्ड डलहौजी (1848 से 1856)

  • द्वितीय आंग्ल सिख युद्ध 1848 -49 इन्हीं के समय हुआ ।
  • द्वितीय आंग्ल बर्मा युद्ध जिसमें 1852 में लोअर बर्मा और पीगू को अंग्रेजी राज्य में मिलाया ।
  • 1852 में इनाम कमीशन की स्थापना की गई ।
  • डलहौजी के शासनकाल में व्यपगत सिद्धांत (Doctrine of lapse) को लागू किया, जिसके तहत विभिन्न राज्यों को अंग्रेजी साम्राज्य में मिलाया गया ।
  • शिक्षा संबंधी सुधारों में डलहौजी ने 1854 के वुड डिस्पैच को लागू किया |
  • डलहौजी को भारत में “रेलवे का जनक” माना जाता है |
    • डलहौजी के समय भारत में पहली बार 16 अप्रैल 1853 को मुंबई से ठाणे के बीच पहली बार रेल चलाई गई |
  • 1854 में नए पोस्ट ऑफिस एक्ट के तहत भारत में पहली बार डाक टिकट का प्रचलन हुआ |
  • डलहौजी ने पहली बार अलग से सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की स्थापना की और एक स्वतंत्र विभाग के रूप में लोक सेवा विभाग की स्थापना की |
  • डलहौजी ने शिमला को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया |
  • 1853 के चार्टर एक्ट से अधिकारियों की नियुक्ति के लिए प्रतियोगी परीक्षा की व्यवस्था की गई |

भारत के वायसराय की सूची

लॉर्ड कैनिंग (1856 – 1862)

  • लॉर्ड कैनिंग के समय 1857 की क्रांति हुई थी | इस क्रांति के बाद भारत में कंपनी शासन समाप्त करके ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन कर लिया |
  • भारत शासन अधिनियम, 1858 के तहत मुगल सम्राट के पद को समाप्त कर दिया |
  • लॉर्ड कैनिंग अंतिम गवर्नर जनरल थे तथा पहले वायसराय बने थे |
  • कैनिंग के समय 1861 में उच्च न्यायालय अधिनियम बनाया, जिसमें पुराने सुप्रीम कोर्ट को समाप्त करके कोलकाता, मद्रास और मुंबई में एक-एक उच्च न्यायालय की स्थापना की |
  • कैनिंग के समय ही 1856 में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम से लागू हुआ |
  • 1857 में कैनिंग के समय महालेखा परीक्षक पद बनाया गया |
  • डलहौजी की व्यक्तिगत सिद्धांत को समाप्त कर दिया गया |

लॉर्ड एल्गिन (1862-63)

  • इसने वहाबी आंदोलन को समाप्त किया ।

लॉर्ड लॉरेंस (1864 से 1869)

  • 1865 में भूटान में ब्रिटिश साम्राज्य पर आक्रमण किया |
  • उन्होंने अफगानिस्तान के संदर्भ में अहस्तक्षेप की नीति अपनाई, जिसे शानदार निष्क्रियता कहते हैं |
  • उड़ीसा, बुंदेलखंड और राजपूताना में भीषण अकाल पड़े और हेनरी कैंपवेल के नेतृत्व में अकाल आयोग का गठन किया |
  • भारत और यूरोप के बीच में 1865 में पहली बार समुद्री टेलीग्राफ सेवा शुरू हुई |

लॉर्ड मेयो (1869 – 1872)

  • लॉर्ड मेयो के समय भारत में प्रथम जनगणना 1872 में की गई |
  • लॉर्ड मेयो ने अजमेर में 1872 में मेयो कॉलेज की स्थापना की |
  • इसने 1872 में एक कृषि विभाग की स्थापना की |

लॉर्ड नॉर्थब्रुक (1872 – 1876)

  • इसके समय बंगाल में भयानक अकाल पड़ा |
  • स्वेज नहर खुल जाने से भारत ब्रिटेन व्यापार में वृद्धि हुई |
  • पंजाब में कूका आंदोलन इसी के समय हुआ |
  • इसने बड़ौदा के मल्हारराव गायकवाड को भ्रष्टाचार के आरोप में हटाकर मद्रास भेज दिया |

लॉर्ड लिटन (1876 – 1880)

  • यह एक प्रसिद्ध उपन्यासकार, निबंध, लेखक और साहित्यकार था |
  • लिटन ने रिचर्ड स्ट्रैची की अध्यक्षता में 1878 में एक अकाल आयोग की नियुक्ति की |
  • मार्च 1878, में लॉर्ड लिटन ने भारतीय समाचार पत्र अधिनियम (वर्नाकुलर प्रेस एक्ट) पारित कर भारतीय समाचार पत्रों पर कठोर प्रतिबंध लगाए |
  • 1878 में पारित हुए भारतीय शस्त्र अधिनियम के तहत शस्त्र रखने और व्यापार करने के लिए लाइसेंस अनिवार्य किया |
  • लॉर्ड लिटन ने अलीगढ़ में एक मुस्लिम एंग्लो प्राच्य महाविद्यालय की स्थापना की |

लॉर्ड रिपन (1880 – 1884)

  • लॉर्ड रिपन ने वर्नाकुलर प्रेस एक्ट को समाप्त किया ।
  • इसने स्थानीय स्वशासन की शुरुआत की ।
  • रिपन के समय से ही 1881 से भारत में नियमित दशकीय जनगणना शुरू हुई ।
  • 1881 में प्रथम कारखाना अधिनियम लाया, 7 वर्ष से कम आयु के बच्चों के काम पर प्रतिबंध लगाया ।
  • फ्लोरेंस नाइटेंगल ने रिपन को “भारत के उद्धारक” की उपाधि दी ।

लॉर्ड डफरिन (1884 से 1888)

  • लॉर्ड डफरिन के समय ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई ।
  • इनके समय तृतीय आंग्ल बर्मा युद्ध 1885-88 हुआ और बर्मा (वर्तमान म्यानमार) को पूर्णतया ब्रिटिश राज्य में शामिल कर लिया ।
  • इसी के समय बंगाल, अवध और पंजाब के टेनेंसी एक्ट पारित हुए ।

लॉर्ड लैंसडाउन (1888 से 1894)

  • भारत अफगानिस्तान के मध्य डूरंड रेखा का निर्धारण हुआ । यहां से पढ़ें प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सीमाएं
  • 1893 में दूसरा कारखाना अधिनियम लाया, जिसमें महिलाओं को 11 घंटे से अधिक काम करने पर प्रतिबंध लगाया साथ ही सप्ताह में 1 दिन छुट्टी अनिवार्य की ।

लॉर्ड एलगिन द्वितीय (1894 से 1899)

  • लॉर्ड एलन द्वितीय का कथन है – “भारत को तलवार के बल पर विजय किया गया है और तलवार के बल पर ही इसकी रक्षा की जाएगी”
  • इसके समय उत्तर और मध्य भारत में भयंकर अकाल पड़े ।

लॉर्ड कर्जन (1899 से 1905)

  • लॉर्ड कर्जन ने बंगाल का विभाजन किया था –
    • 19 जुलाई 1905 को शिमला में बंगाल विभाजन की घोषणा की और 16 अक्टूबर 1905 को बंगाल विभाजन योजना लागू की गई ।
    • इसके अंतर्गत पूर्वी बंगाल और असम प्रांत को पूर्वी बंगाल के रूप में बनाया, जिसकी राजधानी ढाका रखी ।
    • पश्चिमी बंगाल दूसरा प्रांत था, जिसकी राजधानी कोलकाता थी |
    • यह बंटवारा हिंदू और मुस्लिम बंटवारे के तौर पर ज्यादा जाना जाता है ।
  • 1899 में कर्जन ने भारतीय टंकण और पत्र मुद्रा अधिनियम के तहत अंग्रेजी स्वर्ण मुद्रा को कानूनी मुद्रा घोषित किया ।
  • प्राचीन स्मारक परीक्षण अधिनियम 1904 द्वारा ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा और मरम्मत के लिए कर्जन ने भारतीय पुरातत्व विभाग की स्थापना की ।
  • कर्जन ने 1906 सहकारी उदार समिति अधिनियम बनाया, जिससे किसान उचित ब्याज पर कर्ज ले सकते थे साथ ही इसने कृषि बैंक भी खुलवाएं ।
  • कर्जन के समय पहली बार प्रत्येक प्रांत और केंद्रीय स्तर पर अलग से गुप्तचर विभाग की स्थापना की ।

लॉर्ड मिंटो द्वितीय (1905 – 1910)

  • लॉर्ड मिंटो के समय मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन व्यवस्था मार्ले मिंटो सुधार अधिनियम, 1909 के तहत किया गया ।
  • इसके समय 1906 में ढाका में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई ।
  • 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन हुआ ।
  • इसी के समय 1907 में आंग्ल और रूसी प्रतिनिधि मंडलों के बीच बैठक हुई ।

लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय (1910 से 1916)

  • इसी के समय ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम भारत आए ।
  • 12 दिसंबर 1911 को दिल्ली में भव्य दरबार का आयोजन हुआ जहां पर बंगाल विभाजन को रद्द कर दिया तथा भारत की राजधानी कोलकाता से दिल्ली बनाने की घोषणा की ।
  • 1912 में दिल्ली भारत की राजधानी बनी ।
  • 23 दिसंबर 1912 को लॉर्ड हार्डिंग पर दिल्ली में बम फेंकने के आरोप में भाई बालमुकुंद को फांसी दी गई ।
  • 1916 में लॉर्ड हार्डिंग को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का कुलाधिपति बनाया ।

लॉर्ड चेम्सफोर्ड (1916 से 1921)

  • 1916 के कांग्रेस के लखनऊ अधिवेशन में कांग्रेस और मुस्लिम लीग का समझौता हुआ ।
  • 1916 में पुणे में महिला विश्वविद्यालय की स्थापना हुई ।
  • शिक्षा पर सैडलर आयोग का गठन इसी के समय 1917 में हुआ ।
  • 1919 में चेम्सफोर्ड के समय रौलट एक्ट पारित हुआ ।
  • इसी के कारण 13 अप्रैल 1909 को जलियांवाला बाग हत्याकांड अमृतसर में हुआ ।
  • खिलाफत आंदोलन एवं महात्मा गांधी का असहयोग आंदोलन इसी के समय शुरू हुआ ।
  • तीसरा अफगान युद्ध भी इसी समय हुआ ।

लॉर्ड रीडिंग (1921 से 1926)

  • 1921 में मोपला विद्रोह लॉर्ड रीडिंग के समय हुआ ।
  • 1921 में एम.एन. रॉय द्वारा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का गठन हुआ ।
  • नवंबर 1921 में प्रिंस ऑफ वेल्स के भारत आने पर पूरे भारत में हड़ताल हुई ।
  • इसी के समय 5 फरवरी 1922 को चोरी चोरा कांड गोरखपुर में हुआ, इसी के साथ असहयोग आंदोलन समाप्त हुआ ।
  • इसके समय 1922 से इलाहाबाद में सिविल सेवा परीक्षा की शुरुआत हुई ।
  • 1923 में चितरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने इलाहाबाद में स्वराज पार्टी की स्थापना की ।

लॉर्ड इरविन (1926 से 1931)

  • लॉर्ड इरविन के समय 3 फरवरी 1928 में साइमन कमीशन भारत आया ।
  • लाला लाजपत राय की मृत्यु के बदले में दिल्ली के असेंबली हॉल में बम फेंका गया ।
  • लाहौर जेल में जतिन दास ने अंग्रेज और भारतीय कैदियों के बीच भेदभाव के कारण 13 जुलाई 1929 से भूख हड़ताल शुरू की तथा 64 वे दिन उनकी मृत्यु हो गई ।
  • लॉर्ड इरविन के समय 1929 के कांग्रेस लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का लक्ष्य रखा ।
  • इसी के समय महात्मा गांधी का सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ 5 मई 1930 को उन्हें गिरफ्तार किया ।
  • 12 नवंबर 1930 को पहला गोलमेज सम्मेलन हुआ ।
  • 4 मार्च 1931 को गांधी – इरविन समझौता पर हस्ताक्षर के साथ सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित हुआ ।

लॉर्ड वेलिंगटन (1931 से 1936)

  • लॉर्ड वेलिंगटन के समय दूसरा गोलमेज सम्मेलन हुआ, जिसमें गांधी जी ने कांग्रेस की तरफ से हिस्सा लिया लेकिन असफलता के बाद 1932 में दोबारा सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया ।
  • 16 अगस्त 1932 को रैमजे मैकडोनाल्ड ने विवादास्पद सांप्रदायिक पंचाट की घोषणा की, जिसके तहत दलितों को हिंदुओं से अलग वर्ग मानकर उनके लिए निर्वाचन मंडल में अलग प्रावधान किया ।
    • गांधी जी इससे बहुत दुखी हुए और आमरण उपवास शुरू कर दिया | अंत में पुणे समझौते के तहत दलित वर्गों के लिए साधारण वर्गों में सीटों का आरक्षण किया ।
  • पूना समझौता (पूना पैक्ट) महात्मा गांधी और भीमराव अंबेडकर के बीच 24 सितंबर 1932 को हुआ था ।
  • इसी के समय 1932 में तीसरा गोलमेज सम्मेलन हुआ, कांग्रेस ने हिस्सा नहीं लिया ।
  • लॉर्ड वेलिंगटन के समय भारत सरकार अधिनियम, 1935 पास किया ।

लॉर्ड लिनलिथगो (1936 से 1943)

  • लिनलिथगो के समय पहली बार चुनाव करवाए गए, जिसमें कांग्रेस ने कुल 11 में से 8 प्रांतों में सरकारें बनाई ।
  • 1 सितंबर 1939 को दूसरा विश्व युद्ध शुरू हुआ और भारत को भी इसमें अंग्रेजों ने झोंक दिया ।
  • 1 मई 1940 को सुभाष चंद्र बोस ने फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की ।
  • मार्च 1940 में मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में पहली बार पाकिस्तान की मांग की गई ।
  • 8 अगस्त 1940 को अंग्रेजों द्वारा अगस्त प्रस्ताव लाया गया ।
  • मार्च 1942 में क्रिप्स मिशन भारत आया, इसे कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने अस्वीकार किया ।
  • 9 अगस्त 1942 को कांग्रेस ने भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया, जिसे अगस्त क्रांति भी कहते हैं ।
  • इसी के समय 1943 में बंगाल में भयानक अकाल पड़ा ।

लॉर्ड वेवेल (1944 से 1947)

  • इसी के समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली ने भारत में आम चुनाव की घोषणा की, जिसमें प्रांतीय और केंद्रीय विधानसभा में कांग्रेस को पर्याप्त बहुमत मिला ।
  • कैबिनेट मिशन 1946 में भारत आया इस मिशन में 3 सदस्य थे – स्टेफोर्ड क्रिप्स, पैथिक लोरेंस और एबी अलेक्जेंडर
  • 20 फरवरी 1947 को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एटली ने हाउस ऑफ कॉमंस में यह घोषणा की कि जून 1948 तक भारत की सत्ता भारतीयों को दे देंगे ।

लॉर्ड माउंटबेटन (मार्च 1947 से जून 1948)

  • सत्ता हस्तांतरण करने के लिए 24 मार्च 1947 को भारत का गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंटबेटन को बनाया गया ।
  • 3 जून 1947 को माउंटबेटन योजना घोषित की, जिसमें भारत का विभाजन करना शामिल था ।
  • 4 जुलाई को ब्रिटिश संसद में इटली द्वारा भारतीय स्वतंत्रता विधेयक प्रस्तुत किया जिस को 18 जुलाई को स्वीकृति मिल गई ।
  • भारतीय स्वतंत्रता विधेयक में 2 नए देशों की घोषणा की गई थी – 1.भारत और 2.पाकिस्तान
  • 15 अगस्त 1947 को हमारा प्यारा भारत अंग्रेजों से स्वतंत्र हो गया ।
  • स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंटबेटन थे ।
  • लॉर्ड माउंटबेटन के बाद स्वतंत्र भारत के प्रथम एवं अंतिम भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालचारी बने थे ।

प्रमुख गवर्नर जनरल और वायसराय संबंधित प्रश्न

  1. भारत का प्रथम गवर्नर जनरल कौन था ?

    लॉर्ड विलियम बेंटिक भारत के पहले गवर्नर जनरल थे |1833 का चार्टर एक्ट के तहत भारत के गवर्नर जनरल पद को सृजित किया |

  2. कांग्रेस की स्थापना के समय वायसराय कौन थे ?

    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के समय 1885 में भारत के वायसराय लॉर्ड डफरिन थे |

  3. वर्नाकुलर प्रेस एक्ट किस वायसराय के समय पारित हुआ ?

    मार्च 1878 में, लॉर्ड लिटन के समय भारतीय प्रेस पर प्रतिबंध लगाने के लिए वर्नाकुलर प्रेस एक्ट पारित किया |

  4. गवर्नर जनरल और वायसराय में क्या अंतर है ?

    गवर्नर जनरल ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा शासन के लिए नियुक्त किए जाते थे तथा वायसराय ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा उपनिवेश शासन के लिए नियुक्त किए जाते थे | भारत में 1858 के बाद में वायसराय नियुक्त हुए, उनसे पहले ईस्ट इंडिया कंपनी के गवर्नर जनरल थे |

  5. बंगाल का पहला गवर्नर जनरल कौन था ?

    वारेन हेस्टिंग को बंगाल का गवर्नर जनरल 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट द्वारा बनाया गया था |

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